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Phaniswar Nath Renu Evam Tarashankar Bandyopadhyay - Vanchiton Ke Kathakar

फणीश्वर नाथ रेणु एवं ताराशंकर बंद्योपाध्याय - वंचितों के कथाकार

Author/লেখক
Soma Bandyopadhyay • সোমা বন্দ্যোপাধ্যায়

Category/বিভাগ
Memoirs / Autobiography
স্মৃতিকথা / আত্মজীবনী

Publisher/প্রকাশক
Rajkamal Prakashan
রাজকমল প্রকাশন

Language/ভাষা
Hindi - হিন্দি

First Publication Year/প্রথম প্রকাশ
2014 • ২০১৪

Publication Year/প্রকাশ
2014

Edition/সংস্করণ
1

Binding/বাঁধাই
Hardcover • হার্ডকভার
22x14x1.8 cms
411 gms

Number of Pages/পাতা
264

Price/মূল্য
450

Discounted Price/বর্তমান মূল্য
₹ 405

Few words on Phaniswar Nath Renu Evam Tarashankar Bandyopadhyay - Vanchiton Ke Kathakar | फणीश्वर नाथ रेणु एवं ताराशंकर बंद्योपाध्याय - वंचितों के कथाकार


हिन्दी एवं बांग्ला के दो प्रमुख कथा-साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु एवं ताराशंकर बन्द्योपाध्याय जो आंचलिक उपन्यासकार के रूप में भी ख्याति प्राप्त कर चुके हैं, इनके साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन कर हिन्दी व बांग्ला के पाठकों को प्रोत्साहित करना ही मेरा मुख्य ध्येय है। मैं यह भी आशा करती हूँ कि यह तुलनात्मक अध्ययन अन्तःप्रान्तीय भाषाओं के सम्पर्क को और अधिक दृढ़ बनाएगा एवं देश के दो प्रान्तों के पाठकवर्ग के बीच एक भावात्मक एकता स्थापित करने में सफल होगा। साथ ही, साहित्य के प्रति उनके मन की अनन्त जिज्ञासा को भी मिटा सकेगा। बांग्ला के ताराशंकर बन्द्योपाध्याय द्वारा लिखित ‘गणदेवता’ व ‘हाँसुली बाँकेर उपकथा’ एवं हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ आंचलिक उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास ‘मैला आँचल’ एवं ‘परती परिकथा’ बांग्ला व हिन्दी साहित्य की दुर्लभ सम्पदा बन गए हैं। ताराशंकर के उपन्यास तथा रेणु के उपन्यासों का पाठ करने के पश्चात् मैंने पाया कि इनके उपन्यासों में समता अधिक है। रेणु के उपन्यास ‘मैला आँचल’ में वर्णित ‘मेरीगंज’ की कहानी केवल बिहार की ही नहीं, बल्कि बंगाल के वीरभूम जिला स्थित किसी गाँव की ही कहानी लगती है, जहाँ स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व व उसके पश्चात् होनेवाले आमूल परिवर्तनों को दिखाया गया है। युग-सचेतन, ज्ञानवान और संवेदनशील लेखकद्वय ने एक ओर जहाँ, नए समाज में विकसित हुए पिछड़े वर्ग का चरित्र उद्घाटित किया है, वहीं दूसरी ओर अपनी अभिव्यक्ति को बिलकुल यथार्थ की भूमिका पर प्रस्तुत करते हुए उसके द्वारा नए-नए आयामों की खोज भी की है।

Keywords/কীওয়ার্ড: Tarashankar, Bibhutibhushan&Amp;Nbsp;


বইয়ের নাম়/লেখক/কিওয়ার্ড