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Motadarsher Proshne - মতাদর্শের প্রশ্নে
- Sitaram Yechury

Pujibadi Janabad - (Marxbad Parichaymala - 4)

पूंजीवादी जनवाद [ मार्क्सवाद परिचय माला (४)]

Author/লেখক
Shib Verma • শিব ভার্মা

Category/বিভাগ
Marxist Education
মার্ক্সবাদী শিক্ষা

Publisher/প্রকাশক
National Book Agency Private Limited
এনবিএ প্রাইভেট লিমিটেড

Language/ভাষা
Hindi - হিন্দি

First Publication Year/প্রথম প্রকাশ
1997 • ১৯৯৭

Publication Year/প্রকাশ
2012

Edition/সংস্করণ
3

Binding/বাঁধাই
Paperback • পেপারব্যাক
20x12x0.5 cms
34 gms

Number of Pages/পাতা
32

ISBN
978-93-48253-91-0

Price/মূল্য
15

Discounted Price/বর্তমান মূল্য
₹ 8

Few words on Pujibadi Janabad - (Marxbad Parichaymala - 4) | पूंजीवादी जनवाद [ मार्क्सवाद परिचय माला (४)]


पूंजीवादी जनवाद की मुख्य और बुनियादी विशेषता यह है कि वह शोषक (अल्पमत) के तो हक़ में जाता है और मेहनत करने वाले बहुमत के खिलाफ इस जनवाद का आधार पैदावार के साधनों पर व्यक्तिगत प्रभुत्व है।  ऐसा जनवाद रस्मी , झूठा और अधूरा जनवाद है।  यह जनवाद अमीर उमराओं और रईसों के लिए तो स्वर्ग होता है और शोषितों , गरीबों के लिए धोखा और मृगजाल है।  मार्क्सवाद परिचय माला के यह चौथी किताब इसका खुलासा करती है।  समाजवादी जनवाद, जनता का जनवाद और राष्ट्रीय जनवाद पर माला की पांचवी पुस्तक में लिखा गया है। 


বইয়ের নাম়/লেখক/কিওয়ার্ড