NBA Books

Book to watch | নজরে বই

Latest Edition

Titas Ekti Nadir Nam - তিতাস একটি নদীর নাম
- Adwaita Mallaburman

Pujivadi Samaj - (Marxvad Parichaymala - 2)

पूंजीवादी समाज [मार्क्सवाद परिचय माला (२)]

Author/লেখক
Shib Verma • শিব ভার্মা

Category/বিভাগ
Marxist Education
মার্ক্সবাদী শিক্ষা

Publisher/প্রকাশক
National Book Agency Private Limited
এনবিএ প্রাইভেট লিমিটেড

Language/ভাষা
Hindi - হিন্দি

First Publication Year/প্রথম প্রকাশ
1996 • ১৯৯৬

Publication Year/প্রকাশ
2012

Edition/সংস্করণ
3

Binding/বাঁধাই
Paperback • পেপারব্যাক
20x12x0.5 cms
0 gms

Number of Pages/পাতা
32

ISBN
978-93-48253-87-3

Price/মূল্য
15

Discounted Price/বর্তমান মূল্য
₹ 8

Few words on Pujivadi Samaj - (Marxvad Parichaymala - 2) | पूंजीवादी समाज [मार्क्सवाद परिचय माला (२)]


शोषण पूंजीवादी समाज की बुनियाद है | गुलामी और सामन्तवाद के युग में शोषण खुले तौर पर होता था। पूंजीवादी समाज में शोषण छिपे तौर पर होता है, हालांकि मजदूर अपने तजुर्बे से रोज देखता है कि पूंजीपति उसकी मेहनत के बल पर मौज उड़ा रहा है। पूंजीवाद में शोषण का छिपा स्वरूप इसलिए है क्यों कि यहां मजदूर कानूनी तौर पर आजाद है और मालिक से बंधा नहीं है। कानून उसे किसी के यहां काम करने के लिए मजबूर नहीं करता। लेकिन मजदूर के हाथ से औजार छीन कर उसे ऐसा लाचार बना दिया गया है कि अगर वह मजदूरी न करे तो चार दिन भी जिन्दा न रहे। गुलाम मालिक की सम्पत्ति था। इसलिए उसे खाना देना मालिक की जिम्मेदारी थी। मजदूर के मामले में पूंजीपति इस जिम्मेदारी से बरी है। यहां खेतिहर गुलाम की तरह मजदूर भी कुछ समय अपने लिए काम करता है और बाकी समय मुफ्त पूंजीपति के लिए काम करता है- अब मजदूर के स्वतन्द्र होते हुए भी उससे पूंजीपति मुफ्त में कैसे काम करा लेता है. इसका राज सुनिये इस किताब में।   


বইয়ের নাম়/লেখক/কিওয়ার্ড